मैंकार दर्शन
मैं
मैं दुनिया का सबसे महंगा मुद्रित ग्रंथ है जिसकी भारतीय मुद्रा में कीमत 15 करोड़ रुपये है।
रचनाकारमैंरत्नेश्वर
वर्गअध्यात्म, जीवन के सबक, वैज्ञानिक
408 पृष्ठ
दिसंबर, 2025
मैंकार दर्शन
अपने सवा साल के जंगल प्रवास के दौरान गुरुसखा श्रीकृष्ण के सान्निध्य में मुझे ज्ञान प्राप्त हुआ. इस राह में मैंने मानने से जानने और जानने से मैंकार हो जाने की परम अवस्था पा ली. महत् से निकलकर अंधकार से प्रकाश और प्रकाश से अंधकार की यात्रा का साक्षी बन परिष्कृत ‘मैं’ अपने कर्मण्य-स्मरण को संचयित कर निरंतर यात्रा पर है. उसी कर्मण्य-स्मृति के संचयन से मैं खरबों वर्षों की यात्रा विविध आकार-प्रकार-परिष्कार में करता रहा हूँ.
मैं 21 दिनों तक स्थितप्रज्ञ की अवस्था में रहा. अपने शरीर से बाहर निकल कर मैंने ब्रह्म भ्रमण किया. मैं रास लीला का स्वयं साक्षी बना. मेरे मुख से निकले शब्द घटित होने लगे. मैं संन्यास लेना चाहता था, परन्तु गुरु के आदेश से मैं पुनः सांसारिक जीवन में लौट आया.
यह रचना 6-7 सितम्बर, 2006 ई. के रत्न मुहूर्त पर सुबह 3 बजे उतरनी शुरू हुई और 6 बजकर 24 मिनट तक उतरती रही. यानी यह पूरा ग्रन्थ उसी 3 घंटे 24 मिनट में उतर आया.
यह एक ऐसी कथा है, जिसमें सारे दुखों का अंत; परमेश्वर का दर्शन और मैंकार होने का परम सुख है. यह एक ऐसी कथा है, जिसमें कर्मण्ययोग की यात्रा है, ज्ञानयोग की यात्रा है, ध्यानयोग की यात्रा है और प्रार्थनायोग की यात्रा है. एक ऐसी कथा जिसमें मृत्यु नहीं होती, केवल मैंकार होता है.
* * *
विशेष लेख और प्रोफाइल
उन्होंने सफल लेखक बनने के लिए बाधाओं को पार किया
डेक्कन हेराल्ड से एक प्रेरणादायक प्रोफ़ाइल.
मानो या ना मानो (2006 टीवी श्रृंखला) - विकिपीडिया
पृष्ठभूमि की जानकारी पर टीवी श्रृंखला है.
"32 000 साल पहले" – उपन्यास का पता लगाया
एक रहस्य/साहसिक उपन्यास सुविधा पर लाइव हिन्दुस्तान.
पटना लेखक रुपये 1.77 करोड़ की पेशकश
रत्नेश्वर की पेशकश की 1.77 करोड़ के लिए अपने नवीनतम उपन्यास
• मैं दुनिया का सबसे महंगा मुद्रित ग्रंथ है जिसकी भारतीय मुद्रा में कीमत 15 करोड़ रुपये है।
लेखक की बेस्ट सेलिंग किताबें
नीचे दिए गए लिंक का उपयोग करके आप पुस्तकें और उपन्यास खरीद सकते हैं
ऑनलाइन ऑर्डर करें
नीचे दिये गए 'ऑर्डर करें' को क्लिक करें और 'मैं' ग्रंथ को खरीदने के लिये इच्छुक, फॉर्म भर कर मेल करें.





































